सिवान में फिर गरमाई नियुक्ति की राजनीति, मोहम्मद कैफ ने हैप्पी यादव के पीएचडी और नौकरी पर उठाए सव�
Posted on June 14, 2026 by
BiharTalkies
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सिवान में फिर गरमाई नियुक्ति की राजनीति, मोहम्मद कैफ ने हैप्पी यादव के पीएचडी और नौकरी पर उठाए सवाल
सिवान विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी और क्रिकेटर मोहम्मद कैफ को पूर्व सांसद ओमप्रकाश यादव के बेटे हैप्पी यादव की पीएचडी और नियुक्ति पर उठाया सवाल। कहा इस अवैध नियुक्ति के चक्कर में सिवान के ही रहने वाले मगध यूनिवर्सिटी के वीसी शशिप्रताप शाही तक हटाए जा चुके हैँ। मोहम्मद कैफ ने इसके लिए कुलधीपति महामहिम राज्यपाल को चिठ्ठी लिखकर इसकी जांच और कठोर करवाई की मांग की है।
कैफ ने आरोप लगाया है कि इस मामले से जुड़े विवादों के कारण मगध विश्वविद्यालय में बड़े प्रशासनिक बदलाव हुए और विश्वविद्यालय की साख पर भी सवाल उठे हैं।
मोहम्मद कैफ का कहना है कि जिस नियुक्ति और शैक्षणिक प्रक्रिया को लेकर लगातार आरोप लगते रहे हैं, उसकी निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है। उन्होंने दावा किया कि इस पूरे प्रकरण की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि विवादों के बीच विश्वविद्यालय प्रशासन के शीर्ष स्तर तक कार्रवाई की नौबत आ चुकी है।
कैफ ने इस संबंध में बिहार के कुलाधिपति एवं महामहिम राज्यपाल को पत्र लिखकर मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। अपने पत्र में उन्होंने आग्रह किया है कि पीएचडी की प्रक्रिया, नियुक्ति से जुड़े दस्तावेजों और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
फिलहाल मोहम्मद कैफ की शिकायत के बाद यह मामला एक बार फिर राजनीतिक और शैक्षणिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।
सिवान विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी और क्रिकेटर मोहम्मद कैफ को पूर्व सांसद ओमप्रकाश यादव के बेटे हैप्पी यादव की पीएचडी और नियुक्ति पर उठाया सवाल। कहा इस अवैध नियुक्ति के चक्कर में सिवान के ही रहने वाले मगध यूनिवर्सिटी के वीसी शशिप्रताप शाही तक हटाए जा चुके हैँ। मोहम्मद कैफ ने इसके लिए कुलधीपति महामहिम राज्यपाल को चिठ्ठी लिखकर इसकी जांच और कठोर करवाई की मांग की है।
कैफ ने आरोप लगाया है कि इस मामले से जुड़े विवादों के कारण मगध विश्वविद्यालय में बड़े प्रशासनिक बदलाव हुए और विश्वविद्यालय की साख पर भी सवाल उठे हैं।
मोहम्मद कैफ का कहना है कि जिस नियुक्ति और शैक्षणिक प्रक्रिया को लेकर लगातार आरोप लगते रहे हैं, उसकी निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है। उन्होंने दावा किया कि इस पूरे प्रकरण की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि विवादों के बीच विश्वविद्यालय प्रशासन के शीर्ष स्तर तक कार्रवाई की नौबत आ चुकी है।
कैफ ने इस संबंध में बिहार के कुलाधिपति एवं महामहिम राज्यपाल को पत्र लिखकर मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। अपने पत्र में उन्होंने आग्रह किया है कि पीएचडी की प्रक्रिया, नियुक्ति से जुड़े दस्तावेजों और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
फिलहाल मोहम्मद कैफ की शिकायत के बाद यह मामला एक बार फिर राजनीतिक और शैक्षणिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।
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