महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह बरी, Court का बड़ा फैसला
Posted on August 03, 2026 by
BiharTalkies
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महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह बरी, दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट का बड़ा फैसला
नई दिल्ली: भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह को महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए कथित यौन उत्पीड़न के मामले में बड़ी राहत मिली है। दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने सोमवार को अपना फैसला सुनाते हुए बृजभूषण शरण सिंह और मामले के सह-आरोपी एवं WFI के पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर को सभी आरोपों से बरी कर दिया।
यह मामला वर्ष 2023 में उस समय राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया था, जब देश की कई नामी महिला पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। इन आरोपों के बाद दिल्ली के जंतर-मंतर पर लंबे समय तक पहलवानों का प्रदर्शन चला, जिसने देशभर का ध्यान अपनी ओर खींचा था।
कोर्ट ने सुनाया फैसला
राऊज एवेन्यू कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें और उपलब्ध साक्ष्यों पर सुनवाई के बाद बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को बरी करने का आदेश दिया। अदालत का विस्तृत निर्णय आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किन कानूनी आधारों पर यह फैसला दिया गया।
फैसले के बाद क्या बोले बृजभूषण?
फैसले के बाद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था और उन्होंने हमेशा खुद को निर्दोष बताया था। उन्होंने आरोपों को एक साजिश करार देते हुए कहा कि आखिरकार सच की जीत हुई है।
लंबे समय से चर्चा में था मामला
महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद यह मामला खेल और राजनीति दोनों क्षेत्रों में व्यापक चर्चा का विषय बना रहा। इस प्रकरण के चलते भारतीय कुश्ती महासंघ की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे और कई प्रमुख खिलाड़ियों ने विरोध प्रदर्शन किया था। अब अदालत के इस फैसले के बाद मामले के कानूनी पहलू पर फिलहाल विराम लग गया है, हालांकि इस फैसले पर विभिन्न पक्षों की प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।
नई दिल्ली: भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह को महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए कथित यौन उत्पीड़न के मामले में बड़ी राहत मिली है। दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने सोमवार को अपना फैसला सुनाते हुए बृजभूषण शरण सिंह और मामले के सह-आरोपी एवं WFI के पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर को सभी आरोपों से बरी कर दिया।
यह मामला वर्ष 2023 में उस समय राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया था, जब देश की कई नामी महिला पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। इन आरोपों के बाद दिल्ली के जंतर-मंतर पर लंबे समय तक पहलवानों का प्रदर्शन चला, जिसने देशभर का ध्यान अपनी ओर खींचा था।
कोर्ट ने सुनाया फैसला
राऊज एवेन्यू कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें और उपलब्ध साक्ष्यों पर सुनवाई के बाद बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को बरी करने का आदेश दिया। अदालत का विस्तृत निर्णय आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किन कानूनी आधारों पर यह फैसला दिया गया।
फैसले के बाद क्या बोले बृजभूषण?
फैसले के बाद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था और उन्होंने हमेशा खुद को निर्दोष बताया था। उन्होंने आरोपों को एक साजिश करार देते हुए कहा कि आखिरकार सच की जीत हुई है।
लंबे समय से चर्चा में था मामला
महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद यह मामला खेल और राजनीति दोनों क्षेत्रों में व्यापक चर्चा का विषय बना रहा। इस प्रकरण के चलते भारतीय कुश्ती महासंघ की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे और कई प्रमुख खिलाड़ियों ने विरोध प्रदर्शन किया था। अब अदालत के इस फैसले के बाद मामले के कानूनी पहलू पर फिलहाल विराम लग गया है, हालांकि इस फैसले पर विभिन्न पक्षों की प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।
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