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जब एक केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के सामने अपना इस्तीफा पटका फिर मोदी ने बताई अपनी विवश�

Posted on May 01, 2026 by BiharTalkies
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जब एक केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के सामने अपना इस्तीफा पटका फिर मोदी ने बताई अपनी विवश�
जब एक केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के सामने अपना इस्तीफा पटका फिर मोदी ने बताई अपनी विवशता.

3 सितंबर 2017 को आरा के तत्कालीन सांसद राजकुमार सिंह भारत सरकार में ऊर्जा मंत्री बनाए गए. एनडीए नित सरकार के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में शामिल होने से पूर्व तेवर वाले ये देश के चर्चित नौकरशाह, बिहार सरकार और भारत सरकार दोनों जगह गृह सचिव के पद पर रह चुके थे. बिहार कैडर के अपने आईएएस कैरियर में आर के सिंह चुनौतीपूर्ण और साहसिक कार्यों को करने के लिए प्रख्यात रहे. मसलन, अपनी तैनाती के दौरान विभिन्न माफियाओं, प्रभावशाली नेताओं सहित अपने मुख्यमंत्री क्रमश कर्पूरी ठाकुर, जगन्नाथ मिश्र, लालू यादव, राबड़ी देवी से टकराते रहे. इसी दरम्यान देश की राजनीति की दिशा बदल देने वाले सोमनाथ से अयोध्या के लिए रथ यात्रा पर निकले लालकृष्ण आडवाणी को 23 अक्टूबर 1990 को बिहार के समस्तीपुर में गिरफ्तार किया. अपनी केंद्रीय तैनाती के दौरान भी बाटला हाउस कांड और इशरत जहां इनकाउंटर के मसले पर तब की सुपर प्रधानमंत्री सोनिया गांधी और दिग्विजय से टकरा गए.

चर्चित वाक्या उन दिनों का है जब पूरे करियर के दौरान चुनौतीपूर्ण कार्यों को करते रहे आर के सिंह को मंत्री बने लगभग 6 माह गुजर गए. फाइलों पर पीएमओ के दखलंदाजी और लेट-लतीफी के कारण इनके पास कोई काम नही था. फिर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से समय मांगा. समय मिला 2018 होली के पहले. वे मिले और मिलते ही अपनी जेब से एक कागज निकालकर पीएम के सामने टेबल पर रख दिया. जब मोदी ने पूछा कि यह क्या है तो उन्होंने जवाब दिया कि ये है मेरा इस्तीफा. मुझे काम करने के लिए चाहिए फ्री हैंड.... या इसे मंजूर कर किसी और को बना दीजिए. मैं हांथ बांधकर काम करने वालों में से नही. ये सुन प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इसे रखिए और ध्यान से सुनिए. यहां कहां किसी को किसी को काम करने के लिए फ्री हैंड मिलता है. यहां तक कि मुझे यानि पीएम को भी नही. यही इस देश की रीति-नीति है. मुझे न गुजरात में बतौर सीएम फ्री हैंड मिला न दिल्ली में बतौर पीएम मिल रहा है. हां बिजली घर घर पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता में है और ये मुश्किल काम आप ही कर सकते हैं. मोदी के भी किसी के दबाव या विवशता में काम करने का आश्चर्यजनक जवाब स्वयं मंत्री आर के सिंह के लिए विस्मयकारी था. हालांकि बकौल आर के सिंह, घर घर बिजली पहुंचाने के दुरूह काम को उन्होंने पूरी शिद्दत से सफलतापूर्वक पूरा किया और इसे कराने के लिए सरकार ने उन्हें अगले सात साल तक झेला.

#BuntySingh #RKSingh #NarendraModi
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